देहरादून। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के माध्यम से अब गांवों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार सहकारी व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि प्रदेश की कुल 670 पैक्स समितियों में से अब तक 405 समितियों को ई-पैक्स में परिवर्तित किया जा चुका है। शेष समितियों के डिजिटलीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। पैक्स के डिजिटलीकरण से समस्त लेन-देन ऑनलाइन होगा, जिससे पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
डॉ. रावत ने कहा कि ई-पैक्स मल्टीपर्पज सेंटर के रूप में भी कार्य करेंगे, जिससे किसानों, कारीगरों, युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर विभिन्न डिजिटल सेवाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही पैक्स समितियों में होने वाली अनियमितताओं पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि जनपदवार ई-पैक्स में परिवर्तित समितियों में अल्मोड़ा में 39, बागेश्वर में 12, चमोली में 47, चंपावत में 21, देहरादून में 24, हरिद्वार में 27, नैनीताल में 20, पौड़ी में 49, पिथौरागढ़ में 58, रुद्रप्रयाग में 24, टिहरी में 42, ऊधमसिंह नगर में 17 तथा उत्तरकाशी में 25 समितियां शामिल हैं।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि पैक्स समितियों के कम्प्यूटरीकरण में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। इसके साथ ही ई-ऑडिट की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 461 समितियों तथा 2024-25 में 420 समितियों का ई-ऑडिट किया जा चुका है। कई जनपदों में पैक्स समितियों का शत-प्रतिशत ई-ऑडिट पूर्ण हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि ई-पैक्स व्यवस्था से सहकारी तंत्र मजबूत होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

