देहरादून। उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी राजकीय विश्वविद्यालयों को छात्र-छात्राओं का शत-प्रतिशत शैक्षणिक डाटा डीजी लॉकर पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इससे विद्यार्थियों को अपने अंक प्रमाणपत्र और उपाधियां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
सचिवालय में आयोजित उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों पर आगामी 10 फरवरी तक अनिवार्य रूप से भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक सेमेस्टर में न्यूनतम 90 दिन की कक्षाएं संचालित करने और समयबद्ध रूप से परीक्षा परिणाम घोषित करने पर विशेष जोर दिया।

मंत्री ने पूर्व शैक्षणिक सत्रों के पुराने डाटा को भी समर्थ पोर्टल के माध्यम से डीजी लॉकर पर अपलोड करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इसकी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट शासन एवं मंत्रालय को उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में सभी राजकीय विश्वविद्यालयों को विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों से एमओयू कर विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य औद्योगिक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में मासिक प्रगति आख्या शासन को भेजना अनिवार्य किया गया है।

वहीं, छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस वर्ष अंतरविश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय को सौंपी गई है।

उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि समय पर परीक्षाएं एवं परिणाम घोषित किए जाएं, भले ही इसके लिए परीक्षा पैटर्न में बदलाव क्यों न करना पड़े। साथ ही विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सभी शिक्षण संस्थानों को स्वामी विवेकानंद ई-पुस्तकालय योजना से जोड़ने को लेकर पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी गई, जिस पर संस्थानों के अधिकारियों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए।

इस अवसर पर सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रंजीत सिन्हा, निदेशक उच्च शिक्षा वी.एन. खाली, संयुक्त निदेशक डॉ. ए.एस. उनियाल, उप सचिव अजीत सिंह, हरीश सागर सहित राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिव खेमराज भट्ट, दिनेश चन्द्रा, डॉ. जे.एस. बिष्ट, दुर्गेश डिमरी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

