उउत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 91 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है।
भुवन चंद्र खंडूरी का जन्म 1 अक्टूबर 1934 को हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भारतीय सेना से की और एक अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ सैन्य अधिकारी के रूप में पहचान बनाई। सेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कदम रखा और राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया।
वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और अपनी ईमानदार छवि, सादगी तथा सख्त प्रशासनिक शैली के कारण जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाने में सफल रहे। वे पार्टी के उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो बार कार्यभार संभाला। उनका पहला कार्यकाल 2007 से 2009 तक और दूसरा कार्यकाल 2011 से 2012 तक रहा। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और सुशासन, पारदर्शिता तथा जवाबदेह प्रशासन को प्राथमिकता दी।
उनके निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि खंडूरी जी का जीवन राष्ट्र सेवा, अनुशासन और जनसेवा को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि उनका निधन उत्तराखंड और देश की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

