चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के तल्ला देश बमन क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध मां रणकोची मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 182 करोड़ रुपये की 23 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही रणकोची मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये की धनराशि की सौगात दी, जिसकी पहली किस्त शासन द्वारा पहले ही जारी की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तरायणी पर्व के अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा में भी सहभागिता की। उन्होंने मंदिर के पुजारी वर्ग को अंगवस्त्र एवं धार्मिक पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया तथा भजन-कीर्तन की सामग्री का वितरण भी किया। इसके अलावा रियासी, बमन गांव, तोक खेत सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में भाग लेते हुए विभिन्न लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं सहायता सामग्री वितरित की।

चंपावत को आदर्श जिला बनाने की दिशा में बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने चंपावत जिले को आदर्श जिला बनाने के लिए 7 महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें सीम खेत चुका एवं सौराई क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तल्ला देश के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण, पूर्णागिरी मेला 2026 के संचालन हेतु ढाई करोड़ रुपये की धनराशि, चंपावत विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मोटर मार्गों का डामरीकरण, जिला चिकित्सालय चंपावत में निर्माणाधीन क्रिटिकल यूनिट में लिफ्ट निर्माण, ग्रामसभा नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर एएनएम उपकेंद्र की स्थापना तथा चंपावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए 15 नाली भूमि उपलब्ध कराना शामिल है।

खटीमा में उत्तरायणी कौतिक मेले का शुभारंभ
चंपावत दौरे के बाद मुख्यमंत्री शाम को खटीमा पहुंचे, जहां तराई बीज निगम मैदान में कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान समिति द्वारा आयोजित प्रसिद्ध उत्तरायणी कौतिक मेले का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को उत्तरायणी, लोहड़ी और मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तरायणी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन दर्शन का उत्सव है।

